Friday, April 12, 2024

भगवान सूर्य ने दिया हनुमानजी को वेदों का ज्ञान भगवान सूर्य शनिदेव यमराज और यमुनाजी के पिता हैं..

मीनार कामूर्तन में सूर्य पूजा का विशेष महत्व है। जो लोग ब्रह्ममुहूर्त में उठकर सूर्य को अर्ध्य देते हैं, उन लोगों का ज्ञान बढ़ता है और उन्हें परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है और कुंडली के ग्रह दूर हो जाते हैं। यह लोगों के धर्म को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित होता है।

उज्जैन के ज्योतिषी पं. मनीष शर्मा के अनुसार सूर्य ही एकमात्र प्रत्यक्ष देवता हैं और पंचदेवों में से एक माने जाते हैं। हनुमानजी ने सूर्यदेव को अपना गुरु बनाया और सभी वेदों का ज्ञान प्राप्त किया।

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब हनुमानजी थोड़े बड़े हुए तो उनके माता-पिता अंजनी और केसरी ने उन्हें शिक्षा के लिए सूर्य भगवान के पास भेजा। हनुमानजी सूर्यदेव के पास पहुंचे और कहा कि मैं आपका शिष्य बनना चाहता हूं।

इसके बाद सूर्यदेव ने शांत होकर हनुमान जी की बात सुनी और कहा कि मैं किसी भी स्थान पर एक क्षण भी नहीं रह सकता इसलिए मैं तुम्हें ज्ञान नहीं दे पाऊंगा।

इसके बाद हनुमानजी ने कहा, “चलते समय वेदों का ज्ञान बोलते रहो, तुम्हारे साथ चलते हुए मुझे ज्ञान प्राप्त होगा।” सूर्यदेव इसके लिए तैयार हो गए। इसके बाद भगवान सूर्य ने हनुमानजी को सभी वेदों का ज्ञान प्रदान किया।

सूर्यदेव शनिदेव, यमराज और यमुना के पिता हैं।सूर्यदेव
की पहली पत्नी का नाम संजना था। यमराज और यमुना संजना और सूर्यदेव की संतान हैं। इसलिए संजना सूर्य भगवान की महिमा को सहन नहीं कर सकी, फिर उसने अपनी छाया को सूर्य भगवान की सेवा में छोड़ दिया और स्वयं वहां से अपने पिता के घर चली गई। छाया और सूर्य की संतान के रूप में शनिदेव का जन्म हुआ।

ज्योतिष में सूर्य देव को ग्रहों का राजा माना गया है।ज्योतिष
में कुल नौ ग्रह होते हैं। सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु-केतु हैं। जिसमें सूर्य को ग्रहों का राजा माना गया है। यह ग्रह सिंह राशि का स्वामी है। सूर्य की उपासना से कुंडली के कई ग्रह दोष शांत हो सकते हैं।

सूर्य पूजा के सरल उपाय:रोज सुबह जल्दी उठकर नहाते समय तांबे के बर्तन में पानी भरकर रखें। चावल और फूल डालें। इसके बाद सूर्य को अर्घ्य दें।’ॐ सूर्याय नम:’ मंत्र का जाप करते हुए सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए।
यदि आप सूर्य दर्शन करने में असमर्थ हैं तो आप घर पर भी सूर्य देव की मूर्ति या तस्वीर की पूजा कर सकते हैं।
इसके बाद धूप-दीप जलाएं और मिठाई का भोग लगाएं। सूर्य मंत्रों का जाप करें। इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करना चाहिए।

Related Articles

Stay Connected

1,158,960FansLike
856,329FollowersFollow
93,750SubscribersSubscribe

Latest Articles