Monday, May 20, 2024

पपीता-मूंगफली से विटामिन-ई शकरकंद और गाजर से विटामिन-ए, सोयाबीन-टमाटर से विटामिन-ए, बादाम से विटामिन-बी, संतरा-नींबू से विटामिन-सी

विटामिन और मिनरल्स हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। ऐसे में आज की जीवनशैली के चलते कई तरह की बीमारियां घर कर लेती हैं। विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए लोग विटामिन सप्लीमेंट लेने पर जोर देते हैं। डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर को जरूरी विटामिन्स की कमी दवाओं से नहीं बल्कि डाइट से भी पूरी करनी चाहिए। इसलिए यह जानना भी जरूरी है कि कौन से फल और सब्जियां विटामिन से भरपूर हैं। डॉ.वाई.पी. सिंह विभिन्न विटामिनों के बारे में बता रहे हैं और बता रहे हैं कि प्राकृतिक रूप से कौन से विटामिन प्राप्त होते हैं।

विटामिन ए के लिए खाएं शिमला मिर्च, गाजर और शकरकंद:
आंखों को स्वस्थ रखने, संक्रमण से बचाव, सूजन कम करने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए विटामिन ए हमारे लिए बहुत जरूरी है। स्वस्थ रहने के लिए आपको अपने आहार में विटामिन ए से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए।विटामिन ए के लिए हरी सब्जियां, पालक, शिमला मिर्च, शकरकंद, गाजर, पपीता, आम, दूध, दही और पनीर को अपने आहार में शामिल करें।

विटामिन बी के लिए सोयाबीन, टमाटर, अखरोट खाएं।:
शरीर और दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन बी बहुत जरूरी है। विटामिन बी 8 प्रकार के होते हैं। विटामिन बी आंख, त्वचा और बालों की समस्याओं को दूर करता है। यह नर्वस सिस्टम को भी स्वस्थ रखता है। विटामिन बी के प्राकृतिक स्रोत अंडे, सोयाबीन, टमाटर, अखरोट, बादाम, गेहूं, जई, चिकन, मछली, दूध हैं।

विटामिन सी करेगा इम्युनिटी मजबूत:
विटामिन-सी शरीर में प्रोटीन को बनाए रखता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण श्वसन संक्रमण और तपेदिक से बचाता है। विटामिन-सी की कमी के लक्षणों में शुष्क त्वचा, मसूड़ों से खून आना, रक्ताल्पता, देर से घाव भरना, रूखे बाल, कम रोग प्रतिरोधक क्षमता, जोड़ों में दर्द और कमजोर दांत शामिल हैं।

खट्टे फल विटामिन सी का भंडार होते हैं।:
विटामिन-सी की कमी को पूरा करने के लिए संतरा, नींबू, कीवी, अनानास, चेरी, ब्लूबेरी, पपीता, टमाटर और ब्रोकली खानी चाहिए। इसके अलावा अमरूद, दूध, चुकंदर, पत्ता गोभी, आंवला, शलजम, मूली के पत्ते, किशमिश और शिमला मिर्च भी इन पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। विटामिन-सी का अधिक सेवन हानिकारक साबित हो सकता है। जिससे शरीर में आयरन बढ़ सकता है। इसके अलावा पेट खराब, मतली, उल्टी, सीने में जलन, सिरदर्द और नींद न आने की समस्या भी हो सकती है।

धूप से करें विटामिन डी की कमी को पूरा:
विटामिन डी हड्डियों को मजबूत करता है और दांतों के लिए भी जरूरी है।यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी मदद करता है। धूप के अलावा मछली, दूध, पनीर, अंडे, मशरूम जैसे खाद्य पदार्थों से भी विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है।

जैतून, पपीता, मूंगफली में पाया जाता है:
विटामिन ई एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर विटामिन ई दिल को स्वस्थ रखता है। विटामिन ई आंखों की रोशनी के लिए भी जरूरी है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। क्रोहन रोग और सिस्टिक फाइब्रोसिस में लाभकारी। विटामिन ई बालों के विकास को बढ़ाता है। विटामिन ई की कमी से मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी होती है विटामिन ई के प्राकृतिक स्रोत जैतून, पपीता, मूंगफली और मछली हैं।

विटामिन के के लिए खाएं हरी सब्जियां:


    विटामिन-के दो तरह के होते हैं। पहला- विटामिन-के1, यह हरी सब्जियों और वनस्पति तेलों में पाया जाता है। दूसरा- विटामिन-के2, यह मांस, अंडे और पनीर में पाया जाता है। एथेरोस्क्लेरोसिस से पीड़ित व्यक्ति यदि आहार में विटामिन-के1 लेता है तो अस्पताल में भर्ती होने का खतरा 21 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
    अगर एथेरोस्क्लेरोसिस के मरीज अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में विटामिन-के2 का सेवन करें तो इन मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने का खतरा 14 फीसदी तक कम हो जाता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, सरसों, मूली, गेहूं, जौ, पालक, चुकन्दर का साग, जैतून का तेल, लाल मिर्च, केला, अंकुरित अनाज, रसीले फलों से विटामिन K प्राप्त होता है

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